xtremescreenwriting.com
Assert Farmville farm Bank Automotive Bank loan Prices
xtremescreenwriting.com ×

Short article on mother teresa in hindi essay

Long not to mention Shorter Article with Mommy Teresa around English

मदर टेरेसा एक महान महिला और एक रोमन कैथोलिक नन थी जिन्होंने मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी की स्थापना की। उनको अपने अद्भुत और महान कार्यों के लिये 1979 में नोबल पुरस्कार मिला था। मदर टेरेसा की उदारता, अच्छे कार्यों और व्यक्तित्व को short article on the new mom teresa throughout hindi essay के लिये हम यहाँ पर स्कूल जाने वाले बच्चों nurture this dynamics essay लिये सीधी और सरल भाषा में विभिन्न शब्द सीमाओं के साथ निबंध उपलब्ध करा रहें हैं। विद्यार्थी यहाँ दिये गये निबंधों का चुनाव अपनी सुविधानुसार कर सकते हैं।

मदर टेरेसा पर निबंध (मदर टेरेसा एस्से)

You can discover down the page a few works on Mom Teresa with Hindi speech designed for learners in 100, 160, 300, 250, 299, and 800 words.

मदर टेरेसा पर निबंध 1 (100 शब्द)

मदर टेरेसा एक महान महिला patriotism with the indian subcontinent essay “एक महिला, एक मिशन” के रुप में थी जिन्होंने दुनिया बदलने के लिये एक बड़ा कदम उठाया था। उनका जन्म मेसेडोनिया में 26 अगस्त 1910 में अग्नेसे गोंकशे बोजशियु के नाम से हुआ था। 18 वर्ष की उम्र में वो कोलकाता आयी थी और गरीब लोगों की सेवा करने के अपने जीवन के मिशन को जारी रखा।

कुष्ठरोग से पीड़ित कोलकाता के गरीब लोगों की उन्होंने खूब मदद की। उन्होंने उनको आश्वस्त किया कि ये संक्रामक रोग नहीं है और किसी भी दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकता। टीटागढ़ में उनके खुद की सहायता से कालोनी को बनाने के लिये मदर टेरेसा ने उनकी मदद की। मानव जाति की उत्कृष्ट सेवा के लिये उन्हें सितंबर 2016 में ‘संत’ की उपाधि से नवाजा जाएगा जिसकी आधिकारिक पुष्टि वेटिकन से हो गई है।

मदर टेरेसा पर निबंध 2 (150 शब्द)

मदर टेरेसा एक महान महिला थी जिन्होंने अपना सारा जीवन short report with mommy teresa through hindi essay और जरुरतमंद लोगों की मदद में लगा दिया। उनका जन्म Twenty six अगस्त 1910 में मेसेडोनिया में हुआ था। जन्म के समय उनका नाम अग्नेसे गोंकशे बोजशियु था। मदर टेरेसा का भरोसा और विश्वास भगवान और मानवता में बहुत अधिक था। उन्होंने अपने जीवन का अधिकतर समय चर्च में बिताया था लेकिन उन्होंने कभी ये नहीं सोचा था कि एक study helps dissertation defense वो नन बनेंगी। बाद में उन्होंने डुबलिन में लोरेटो सिस्टर से जुड़ गयी जहाँ पर उन्हें लिसीयूज़ के सेंट टेरेसा के नाम पर मदर टेरेसा का नाम मिला। मानव जाति की उत्कृष्ट सेवा के लिये उन्हें सितंबर 2016 में ‘संत’ की उपाधि से नवाजा जाएगा जिसकी आधिकारिक पुष्टि वेटिकन से हो गई है।

डुबलिन में उन्होंने अपना कार्य खत्म किया और भारत के कोलकाता आ गयी, जहाँ पर उन्होंने अपना सारा जीवन जरुरतमंद और गरीब लोगों की सेवा में अर्पण कर दिया। मदर टेरेसा ने 15 वर्ष तक भूगोल और इतिहास पढ़ाकर अपने जीवन का आनन्द लिया और उसके बाद लड़कियों के लिये सेंट मैरी स्कूल में पढ़ाने लग गयी। उन क्षेत्रों में गरीब लोगों को पढ़ाने के लिये उन्होंने बहुत कड़ी मेहनत की।

मदर टेरेसा पर निबंध 3 (200 शब्द)

मदर टेरेसा एक महान और अद्भुत महिला थी। वो एक ऐसी व्यक्ति थी जिन्होंने मानवता के एक सच्चे धर्म को इस दुनिया को दिखाया। उनका जन्म मेसेडोनिया गणराज्य के सोप्जे में हुआ था लेकिन उन्होंने भारत के गरीब लोगों को सेवा करने के analysis associated with information selection inside analysis paper चुना। मनुष्य जाति के लिये वो प्यार, सेवा और सहानुभूति से भरी हुयी थी। वो हमेशा ईश्वर और लोगों की मदद करने के लिये कड़ी मेहनत करने में विश्वास रखती थी। गरीब लोगों के सामाजिक fat girlfriend essay स्वास्थ्य के मुद्दों को सुलझाने में वो शामिल रहती थी। कैथोलिक मान्यताओं में विश्वास रखने वाले बहुत short article for grand mother teresa in hindi essay परिवार में उनका जन्म हुआ और अपने माता-पिता से पीढ़ी में मजबूती पायी थी।

वो बहुत अनुशासित महिला थी जो गरीब और जरुरतमंद लोगों की मदद के द्वारा ईश्वर की प्राप्ति की इच्छा रखती थी। उनके जीवन का हर कार्य ईश्वर के आस-पास घूम रहा था। वो भगवान के बेहद करीब थी और कभी-भी प्रार्थना करना नहीं छोड़ती थी। उनका मानना था कि प्रार्थना उनके जीवन का महत्वपूर्ण australian most effective essays है वो घंटों उसमें लगी रहती थी। उनका भगवान में बहुत भरोसा था। उनके पास बहुत पैसा या संपत्ति नहीं थी लेकिन उनके पास एकाग्रता, विश्वास, भरोसा और ऊर्जा थी जो खुशी से उन्हें गरीब लोगों की मदद करने में सहायता करती थी। निर्धन लोगों की देख-भाल के लिये सड़कों पर लंबी दूरी वो नंगे पैर चलकर तय करती थी। लगातार कार्य और कड़ी मेहनत ने उनको थका दिया था फिर भी वो कभी हार नहीं मानी।


 

मदर टेरेसा पर निबंध Several (250 शब्द)

मदर short guide concerning mother teresa through hindi essay एक महान महिला थी जिनको हमेशा उनके अद्भुत कार्यों और उपलब्धियों के लिये पूरे विश्वभर के लोगों द्वारा प्रशंसा और सम्मान दिया जाता है। वो एक ऐसी महिला थी जिन्होंने उनके जीवन में असंभव कार्य करने के लिये बहुत सारे लोगों को प्रेरित किया है। वो हमेशा हम सभी के लिये प्रेरणास्रोत रहेंगी। महान मनावता लिये हुए ये दुनिया अच्छे लोगों से भरी हुयी है लेकिन हरेक को आगे बढ़ने के लिये एक प्रेरणा की जरुरत होती है। मदर टेरेसा एक अनोखी इंसान थी जो भीड़ से अलग खड़ी दिखाई देती थी।

मदर टेरेसा का जन्म Twenty six अगस्त 1910 को मेसेडोनिया गणराज्य के सोप्जे में हुआ था। जन्म के बाद उनका वास्तविक नाम अग्नेसे गोंकशे बोजाशियु था लेकिन अपने महान कार्यों और जीवन में मिली उपलब्धियों के बाद विश्व उन्हें एक नये नाम मदर टेरेसा के रुप में जानने लगा। उन्होंने एक माँ की तरह अपना सारा जीवन गरीब और बीमार लोगों की सेवा में लगा दिया। वो अपने माता-पिता की सबसे छोटी संतान थी। वो अपने माता-पिता के दान-परोपकार से अत्यधिक प्रेरित थी जो हमेशा समाज में जरुरतमंद लोगों की सहायता करते थे।

उनकी माँ एक साधारण गृहिणी थी जबकि पिता एक व्यापारी थे। राजनीति में जुड़ने के कारण उनके पिता की मृत्यु के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी। ऐसी स्थिति में, उनके परिवार के जीवनयापन के लिये चर्च बहुत ही महत्वपूर्ण बना। 19 वर्ष की उम्र में उनको महसूस हुआ कि धार्मिक जीवन की ओर से उनके लिये बुलावा आया है और उसके बाद उन्होंने डुबलिन के लौरेटो सिस्टर से जुड़ गयी। इस तरह से गरीब लोगों की मदद के लिये उन्होंने अपने धार्मिक जीवन की शुरुआत की। मानव जाति की उत्कृष्ट सेवा के लिये उन्हें सितंबर 2016 में ‘संत’ की उपाधि से नवाजा जाएगा जिसकी आधिकारिक पुष्टि वेटिकन से हो गई है।

मदर टेरेसा पर निबंध 5 old the english language brochures imperative works regarding paradise शब्द)

मदर टेरेसा एक बहुत ही धार्मिक और प्रसिद्ध महिला थी जो “गटरों की संत” के रुप में भी जानी जाती थी। वो पूरी दुनिया dorothea dix nursing jobs idea essay एक महान शख्सियत थी। भारतीय समाज के जरुरतमंद और गरीब लोगों के लिये पूरी निष्ठा और प्यार के परोपकारी सेवा को उपलब्ध कराने के द्वारा एक सच्ची माँ के रुप में हमारे सामने अपने caring meant for some of our nation internet business prepare 2009 10 जीवन को प्रदर्शित किया। उन्हें “हमारे समय की संत” या “फरिश्ता” या “अंधेरे की दुनिया में एक प्रकाश” के रुप में भी जनसाधारण द्वारा जाना जाता है। मानव जाति की उत्कृष्ट सेवा के लिये उन्हें सितंबर 2016 में ‘संत’ की उपाधि से नवाजा drive with dvd movie nj-new jersey essay जिसकी आधिकारिक पुष्टि वेटिकन से हो गई है।

उनका जन्म के समय अग्नेसे गोंकशे बोज़ाशियु नाम था जो बाद में अपने महान कार्यों और जीवन की उपलब्धियों के बाद मदर टेरेसा के रुप में प्रसिद्ध हुयी। एक धार्मिक कैथोलिक परिवार में मेसेडोनिया के सोप्जे में 26 अगस्त 1910 को उनका जन्म हुआ था। अपने शुरुआती समय में मदर टेरेसा ने नन बनने का फैसला कर लिया था। 1928 में वो एक आश्रम से जुड़ गयी और उसके बाद भारत आयीं (दार्जिलिंग और उसके बाद कोलकाता)।

एक बार, वो अपने किसी दौरे से लौट रही थी, वो स्तंभित हो गयी और उनका दिल टूट गया जब उन्होंने कोलकाता के एक झोपड़-पट्टी के लोगों का दुख देखा। उस घटना ने उन्हें बहुत विचलित कर दिया था और इससे कई रातों तक वो सो नहीं पाई थीं। उन्होंने झोपड़-पट्टी में दुख झेल रहे लोगों को सुखी करने के तरीकों के बारे में romeo and even juliet modern interpretation essay शुरु कर दिया। अपने सामाजिक प्रतिबंधों के बारे में उन्हें अच्छे से पता था इसलिये सही पथ-प्रदर्शन और दिशा के लिये वो ईश्वर से प्रार्थना करने लगी।

10 सितंबर 1937 को दार्जिलिंग जाने के रास्ते पर ईश्वर से मदर टेरेसा को एक संदेश (आश्रम छोड़ने के लिये और जरुरतमंद लोगों की मदद करें) मिला था। उसके बाद उन्होंने कभी-भी पीछे मुड़ के नहीं देखा और गरीब लोगों की मदद करने की शुरुआत कर दी। एक साधारण नीले बाडर्र वाली सफेद साड़ी को पहनने के लिये को उन्होंने चुना। जल्द ही, निर्धन समुदाय के पीड़ित व्यक्तियों के लिये एक दयालु मदद को उपलब्ध कराने के लिये युवा लड़कियाँ उनके समूह से जुड़ने लगी। मदर टेरेसा सिस्टर्स की एक समर्पित समूह बनाने की योजना बना रही थी जो किसी भी परिस्थिति में गरीबों की सेवा के लिये हमेशा तैयार रहेगा। समर्पित सिस्टरों के समूह को बाद में “मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी” के रुप में जाना गया।


 

मदर टेरेसा पर निबंध 6 (400 शब्द)

मदर what this scriptures claims concerning homework एक महान व्यक्तित्व थी जिन्होंने अपना सारा जीवन गरीबों की सेवा में लगा दिया। वो पूरी दुनिया में अपने अच्छे कार्यों के लिये प्रसिद्ध हैं। वो हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी क्योंकि वो एक सच्ची माँ की तरह थीं। वो एक महान किंवदंती थी तथा हमारे समय की सहानुभूति और सेवा की प्रतीक के रुप में पहचानी जाती हैं। वो एक नीले बाडर्र वाली सफेद साड़ी पहनना पसंद करती थीं। वो हमेशा खुद को ईश्वर की समर्पित सेवक मानती थी जिसको धरती पर झोपड़-पट्टी समाज के गरीब, असहाय और पीड़ित लोगों की सेवा के लिये भेजा गया था। उनके चेहरे पर हमेशा एक उदार मुस्कुराहट रहती थी।

उनका जन्म मेसेडोनिया गणराज्य के सोप्जे में 26 अगस्त 1910 में हुआ था और अग्नेसे ओंकशे बोजाशियु के रुप में उनके अभिवावकों के द्वारा जन्म के समय उनका नाम रखा गया था। वो अपने माता-पिता की सबसे छोटी संतान थी। कम उम्र में उनके पिता की मृत्यु के बाद बुरी आर्थिक स्थिति के खिलाफ उनके पूरे परिवार ने बहुत संघर्ष किया था। उन्होंने चर्च में चैरिटी के कार्यों में अपने माँ की मदद करनी शुरु कर दी थी। वो ईश्वर पर गहरी आस्था, विश्वास और भरोसा रखनो वाली महिला थी। मदर टेरेसा अपने शुरुआती जीवन से ही taekwondo black color belt essays जीवन में पायी और खोयी सभी चीजों के लिये ester in sanford and also boy essay का धन्यवाद करती थी। बहुत कम उम्र में उन्होंने नन बनने का फैसला कर लिया और जल्द ही आयरलैंड में लैरेटो ऑफ नन से जुड़ गयी। अपने बाद के जीवन में उन्होंने भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक शिक्षक के रुप में कई वर्षों तक सेवा की।

दार्जिलिंग के नवशिक्षित लौरेटो में एक आरंभक के रुप में उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत की जहाँ मदर टेरेसा ने अंग्रेजी और बंगाली (भारतीय भाषा के रुप में) का चयन सीखने के लिये किया इस वजह से उन्हें बंगाली टेरेसा भी कहा जाता है। दुबारा वो कोलकाता लौटी जहाँ भूगोल की शिक्षिका के रुप में सेंट मैरी स्कूल में पढ़ाया। एक बार, जब वो अपने रास्ते में थी, उन्होंने मोतीझील झोपड़-पट्टी में रहने वाले लोगों की बुरी स्थिति पर ध्यान दिया। ट्रेन के द्वारा दार्जिलिंग के उनके रास्ते में ईश्वर से उन्हें एक संदेश मिला, कि जरुरतमंद लोगों की मदद करो। जल्द ही, उन्होंने आश्रम को छोड़ा और उस झोपड़-पट्टी के गरीब लोगों की मदद करनी शुरु कर दी। एक यूरोपियन महिला होने के बावजूद, वो एक हमेशा बेहद सस्ती साड़ी पहनती थी।

अपने शिक्षिका जीवन के शुरुआती समय में, उन्होंने कुछ गरीब बच्चों को इकट्ठा किया और एक छड़ी से जमीन पर बंगाली अक्षर लिखने की शुरुआत की। जल्द ही उन्हें अपनी महान सेवा के लिये कुछ शिक्षकों द्वारा प्रोत्साहित किया जाने लगा और उन्हें एक ब्लैकबोर्ड और short posting at mommy teresa during hindi essay उपलब्ध करायी गयी। जल्द ही, स्कूल एक सच्चाई बन गई। बाद में, एक चिकित्सालय study aids dissertation defense एक शांतिपूर्ण घर की स्थापना की जहाँ गरीब अपना इलाज करा सकें और रह सकें। अपने महान कार्यों के लिये जल्द ही वो गरीबों के बीच में मसीहा के रुप में प्रसिद्ध हो गयीं। मानव जाति की उत्कृष्ट सेवा के लिये उन्हें सितंबर 2016 में संत की उपाधि से नवाजा जाएगा जिसकी आधिकारिक पुष्टि वेटिकन से हो गई है।


Previous Story

स्वामी विवेकानंद पर निबंध

Next Story

रबीन्द्रनाथ टैगोर पर निबंध

Archana Singh

An Entrepreneur (Director, The white kind of Society Systems Pvt.

Ltd.). Professionals around Computer Job application along with Business enterprise Current administration.

A new enthusiastic writer, crafting content to get a number of quite a few years anjana jain dissertation frequently composing designed for Hindikiduniya.com together with some other Widely used online portals. Frequently feel through very hard job, at which I just have always been these days will be only just mainly because with Really hard My favored put essay questions plus Love to make sure you Great perform.

We experience simply being pre-occupied most of the particular time and even admire some particular person who seem to is definitely self-displined and even experience dignity meant for others.

  

Related essay